मेरे पापा
प्यार करते हैं बहुत लेकिन कभी जताया नहीं,
हर पल अहसास होता है आप यहाँ ही हों जैसे
आपके बिना जिंदगी अधूरी हो गयी
महसूस हुआ मेरी रूह मुझसे दूर हो गयी
आपके जाने का दर्द सीने में दफन है
एह्साह हर वक़्त आपकी मौजूदगी का है
अफ़सोस आपको हरपल न देख पाने का है
बैठा कांधो पर अपने घुमाया था मुझे
थमा ऊँगली अपनी चलना सिखाया था मुझे
मेरी आँखों के सामने ही आप गोलोकवासी हो गए
आँखों देखा वो मंज़र मैं भुलाऊँ कैसे ??
बीत रही दिल पर क्या ये बताऊँ कैसे ??
हरवक्त आपके खयालो मैं सोता हूँ मैं
अपने आपको ठगा सा महसूस करता हूँ मैं
बेबस लाचार पाता हूँ अपने आपको
आपके न होने का एह्साह तूफान सा ला देता है
नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा हिला देता है
हूँ तुम बिन कुछ ऐसे ही अधूरा पापा !!
इक बार चले आओ पापा
हम तड़प रहे है तुम बिन सब
हमे सीने से लगा जाओ पापा !!
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